प्यार करने वालो ने ये
कैसा रचाया खेल है
एक डिब्बा खींचे दस इंजन
कैसी बनाई रेल है
बिजली चाहे बिजली को
बादल को चाहे बादल
कुदरत ने नियम बदल दिया
अब होता यूँ ही मेल है
हर कोई है इस बाज़ार मे
मुफ़्त मे बिक जाने को
फिर भी कीमतें नही चूकती
कैसी लगी ये सेल है
आशिक बनने के लिए भाई अब
सिर्फ़ पसीने से काम नही चलता
पहले खून नीचूड्ता है
फिर निकतला तेल है
प्यार करने की सज़ा अब
सीधे फाँसी (शादी) नही होती
गर सूली से बच जाओ
तो उमर भर की जेल है
प्यार के पप्पू का
परिणाम तो सुन लीजिए
जो ना समझा वो पास है
जो समझ गया वो फेल है !!
सुधीर राणा
कैसा रचाया खेल है
एक डिब्बा खींचे दस इंजन
कैसी बनाई रेल है
बिजली चाहे बिजली को
बादल को चाहे बादल
कुदरत ने नियम बदल दिया
अब होता यूँ ही मेल है
हर कोई है इस बाज़ार मे
मुफ़्त मे बिक जाने को
फिर भी कीमतें नही चूकती
कैसी लगी ये सेल है
आशिक बनने के लिए भाई अब
सिर्फ़ पसीने से काम नही चलता
पहले खून नीचूड्ता है
फिर निकतला तेल है
प्यार करने की सज़ा अब
सीधे फाँसी (शादी) नही होती
गर सूली से बच जाओ
तो उमर भर की जेल है
प्यार के पप्पू का
परिणाम तो सुन लीजिए
जो ना समझा वो पास है
जो समझ गया वो फेल है !!
सुधीर राणा
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